भारतीय संगीत की रिकॉर्डिंग में संपादन (Editing) का महत्व
भारतीय संगीत की रिकॉर्डिंग में एडिटिंग (Editing)एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील प्रक्रिया है। पारंपरिक रूप से भारतीय संगीत अपनी सहजता और लाइव प्रस्तुति के लिए जाना जाता है। लेकिन आधुनिक रिकॉर्डिंग स्टूडियो में एडिटिंग तकनीक ने इसकी गुणवत्ता को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। भारतीय संगीत पूरी तरह से राग(सुर) और ताल (लय) पर आधारित है। एडिटिंग टूल्स जैसे मेलोडी या ऑटो ट्यून की मदद से गायक या वादक की मामूली मानवीय अचूकों को ठीक किया जाता है। यदि कोई नोट थोड़ा सा भी अपस्वर (Out of Tune)हो जाता है तो एडिटिंग के जरिए उसे राग के सही सुर पर लाया जाता है। जिससे संगीत सुनने में बिल्कुल सटीक और मधुर लगता है।
Author: Mr ARPIT SHARMA Submitted on : 09-Jun-2026 Arts : India/ Music/ Hindustani Classical Music
Journal ID : 0030-101-0350
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